बॉडी लैंग्वेज आपकी राज बता देता है | Body language tells your secret

body language appki raj bata deta hai

आप और अन्य सभी लोग अक्सर दूसरों को अच्छी तरह से समझने की बात करते हैं । जो की सिर्फ बॉडी लैंग्वेज के जरिए ही संभव है। दरअसल, बॉडी लैंग्वेज अपने आप में एक पूरी भाषा है, जो आपके व्यक्तित्व से लेकर आपके दिमाग में क्या चल रहा है, सब कुछ बता सकती है। इसकी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जो लोग इस भाषा को पढ़ने में सक्षम हैं, वे पेशेवर या व्यावसायिक जीवन में भी दूसरों से आगे हैं। आइए जानते हैं कि बॉडी लैंग्वेज कैसे पढ़ें।

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आपने अक्सर लोगों को दूसरे के बारे में यह कहते हुए सुना होगा कि उसकी बॉडी लैंग्वेज बता रही थी कि वह काम कर पाएगा या नहीं । दरअसल , बॉडी लैंग्वेज वह भाषा है , जिसे पढ़ने में समर्थ लोग सफलता हासिल करने में दूसरों से कहीं आगे रहते हैं ।

आइए जानते हैं बॉडी लैंग्वेज के बारे में

जानें बॉडी लैंग्वेज को : बॉडी लैंग्वेज या कहें आपके हाव – भाव , एक तरह की शारीरिक भाषा है , जिसमें शब्द भले ही न हों, लेकिन यह बहुत कुछ कहती है। यह आपके व्यक्तित्व को दर्शाता है। हर इशारे का एक अलग मतलब होता है। यह बताता है कि आपके दिल और दिमाग में क्या चल रहा है।उदाहरण के लिए, कभी-कभी, शरीर की भाषा आसानी से आप में क्रोध, उदासी, मनोरंजन, खुशी जैसी भावनाओं को व्यक्त कर देता है।

चेहरा राज बताता है: ज्यादातर लोगों के लिए बॉडी लैंग्वेज का मतलब है फेस स्टडी।चेहरे पर आए भाव नाराजगी , खुशी , जलन , चिंता और चंचलता को सामने ला देते हैं । गौर करें तो दिनभर में कई ऐसे क्षण आते हैं , जब लोग अपनी प्रतिक्रिया , अपने चेहरे से ही जाहिर कर देते हैं । उदाहरण के लिए, जब किसी को कोई चीज पसंद नहीं आती तो लोग नाक सिकोड़ते हैं। कर रही है, तो नाक को निचोड़ा जाता है, जैसे बच्चे नाराज हों तो मुंह फुला लेते हैं ।

आंखें करती हैं बात : आँखों को बॉडी लैंग्वेज समझने का सबसे अहम हिस्सा कहा जाए , तो गलत नहीं होगा । किसी भी इंसान को कम या ज्यादा समझने के लिए उसे बिना जाने या समझे , उसकी आंखों में झांक कर ही पता लगाया जा सकता है । आंखों से न केवल इंसान का मूड पढ़ा जा सकता है , बल्कि उसके अंदर क्या चल रहा है , भलीभांति समझा जा सकता है ।

व्यक्तित्व की पहचान : आपके शरीर की अलग – अलग अवस्था ही आपके चरित्र व व्यक्तित्व की सबसे बड़ी पहचान है । अगर आप संतुलित व सीधी अवस्था में हैं , तो यह आपके आत्मविश्वास को दर्शाती है । इसी प्रकार आपके बैठने की अवस्था भी बॉडी लैंग्वेज का अनिवार्य हिस्सा है । बैठने के दौरान अगर आप आगे की ओर झुक कर बैठते हैं , तो इसका मतलब यह है कि आप फैं रडली हैं । अगर आप सिर उठाते समय मुस्कराते हैं , तो यह आपके चंचल मन होने की निशानी है । या फिर आप मजाकिया स्वभाव के भी हो सकते हैं । इसके विपरीत अगर आप बैठते समय सिर नीचे झुकाते हैं , तो इसका मतलब यह है कि आप कुछ छिपाना चाह रहे हैं ।

बॉडी लैंग्वेज के संकेत :

  • तरोताजा हो सीधा खड़ा रहना – आत्मविश्वास
  • हिप्स पर हाथ रख कर खड़ा रहना – तैयार और आक्रामक
  • पैर पर पैर चढ़ा कर बैठना- उचाट दिखना
  • पैर फैलाकर बैठना – आराम की मुद्रा
  • छाती पर बांह पर बांह फंसाना – बचाव की मुद्रा
  • पॉकेट में हाथ डालकर चलना – उदासी
  • गाल पर हाथ रखना – चिंता व सोचना
  • नाक थोड़ा थोड़ा छूना , रगड़ना – अस्वीकृति , शंका
  • आंख रगड़ना – शंका व अविश्वास
  • दोनों हाथों पर गाल टिकाना और नीचे देखना – उचाट दिखना

और कभी तेज बोलने वाले सेल्समैन पर भरोसा न करें । परखी गयी बॉडी लैंग्वेज हमेशा सही नहीं होती , इसलिए प्रतिक्रिया देने से पहले सोच समझ लें । किसी को सिर्फ उसकी बॉडी लैंग्वेज से जज करना सही नहीं है ।

इन पर भी दें ध्यान : एक अनुमान के अनुसार इंसान के चेहरे पर 2.5 लाख हाव – भाव उत्पन्न हो सकते है । झूठ बोलने वाला इंसान नजरें मिलाकर बात नहीं कर सकता ।

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