बॉडी लैंग्वेज मन की बात बता देता है | Body language tells the mind

body language man ki bat bata deta hai

शारीरिक हाव – भाव की समझ हमारे पूरे व्यक्तित्व में तो सुधार लाती ही है , साथ ही अन्य लोगों के बीच अपनी एक अलग छवि भी विकसित करती है । बॉडी लैंग्वेज डायरेक्ट या इनडायरेक्ट रूप में बातचीत का एक मजबूत माध्यम बनती है । विभिन्न शारीरिक भाव और उनके निहितार्थ के बारे में जानिए।

body language man ki bat bata deta hai

यहां बॉडी लैंग्वेज में मुद्राएं , स्पर्श , बॉडी मूवमेंट , देखना और मुख मुद्राएं आती हैं । ऐसा माना जाता है कि कम्युनिकेशन का 93 प्रतिशत बॉडी लैंग्वेज के जरिए और शेष 7 प्रतिशत शब्दों के जरिए बातचीत होता है । रोचक तथ्य यह है कि मां के गर्भ में ही बच्चे की बॉडी लैंग्वेज आकार लेती है ।

विशेषज्ञों के अनुसार , पेट में बच्चे का जम्हाई लेना या हाथ – पांव चलाना खुशी के चिह्न माने जाते हैं । शारीरिक मुद्राएं, विचार, अनुभूतियां और बातचीत को इंगित करती हैं । विभिन्न संस्कृतियों में इनके कुछ पारंपरिक संदर्भ भी होते हैं । उदाहरण के लिए कई देशों में अंगूठे के उत्थान मुद्रा 👍🏻 का उपयोग किया जाता है। भारत में इसका मतलब ‘ बहुत बढ़िया ‘ या ‘ सफलता ‘ से जुड़ा है , वहीं ऑस्ट्रेलिया , ईरान और नाइजीरिया में इसे नकारात्मक अर्थ में लिया जाता है । जापान में इसका मतलब अंक ‘ 5 ‘ है , वहीं तुर्की में यह दक्षिणपंथी राजनीतिक दल को इंगित करता है ।

वहीं अंगूठे और तर्जनी को जोड़ कर गोलाकार मुद्रा 👌 बनाने का मतलब आमतौर पर हमारे यहां ‘ परफेक्ट ‘ या संपूर्ण ‘तौर पर लिया जाता है , लेकिन फ्रांस में इसका मतलब है ‘ व्यर्थ ‘ , जापान में इसका अर्थ है ‘ धन ‘ और जर्मनी में यह मुद्रा ‘ असभ्यता ‘ या ‘ उग्रता ‘ से जुड़ी है । माल्टा , ग्रीस और ब्राजील में इसका मतलब है बेइज्जती करना ।

बॉडी लैंग्वेज को समझना हमें रोजमर्रा के कामों में आगे नहीं बढ़ाता है क्योंकि हम आत्मविश्वास हासिल करते हैं या इसके माध्यम से अधिक कुशलता से काम करते हैं, लेकिन हम यह समझने में सक्षम हैं कि अन्य लोग वास्तव में क्या कह रहे हैं। इसलिए, बॉडी लैंग्वेज रोज़मर्रा की स्थितियों जैसे कि नौकरी के लिए इंटरव्यू , कार्यस्थल पर प्रस्तुतियाँ, या स्कूल और कॉलेज में शिक्षा से संबंधित कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

बॉडी लैंग्वेज से जुड़े कुछ जरूरी बिंदु : कोशिश करें कि बातचीत के दौरान अपनी हाथ या पैर क्रॉस न करें , क्योंकि इससे आपकी मुद्रा टेंसन भरी नजर आएगी । अपने हाथ सिर के पीछे बांधना अतिरिक्त आत्मविश्वास का चिह्न है ।

आंखें मिला कर बात करें : बातचीत के दौरान अन्य व्यक्ति की आंखों में देखें । आंखें न मिला कर बात करना यह दर्शाता है। कि वह व्यक्ति असुरक्षा का शिकार या लापरवाह है।

शरीर की मुद्रा पर काम करें : बातचीत में अपनी रुचि दर्शाने के लिए अपने कंधो को ढीला छोड़े और आगे की ओर झुकें या आत्मविश्वास संप्रेषित करने के लिए सीधे तन कर कंधे को ले जाएं। आगे की ओर झुकना दर्शाता है कि आप बात सुनने को उत्सुक हैं, जबकि पीछे की ओर को होना दर्शाता है कि आप घमंडी और कार्य के प्रति उदासीन हैं ।

सब कुछ गौर से सुनें : अन्य लोगों के बोलने के दौरान आपका सिर हिलाना दर्शाता है कि आप चौकन्ने हैं ।

हाथ पैर न हिलाएं : पैर हिलाने या टेबल पर उंगलियां फिराने जैसी नर्वस आदत पर रोक लगाएं ।

सकारात्मक रहें : जब कोई मजाक करे तो मुस्कराएं जरूर । यदि आपकी चेहरे का एक्सप्रेसन सकारात्मक है तो लोग आपकी बात सुनना पसंद करेंगे ।

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